Thursday, October 1, 2009

आडवाणी जी का अंतिम पड़ाव...

आजकल समाचारों में आडवाणी जी के रिटायरमेंट की ढ़ेरों खबरें आ रही है...हालाकि लोकसभा चुनावों में हार के बाद भी ऐसी चर्चाओं का बाज़ार गर्म था...पर क्या हुआ...

90 के रथ यात्रा से राजनीति के चरम पर पहुंचने वाले आडवाणी जी का वह सुनहरा समय अब अपने अंतिम पड़ाव पर है...राजनीति में उनका साथ देने वाले भी अब उनका साथ छोड़ रहे हैं या छोड़ने का मन बना रहे हैं...

वैसे अब भाजपा का वह गोल्डन पीरियड जा भी चुका है...जिसमें अटल - आडवाणी की जोड़ी काम किया करती थी...आडवाणी जी अक्सर अपनी जोड़ी के बारे में कहा करते हैं कि हमारी जोड़ी राम - लक्ष्मण या जय - वीरु की जोड़ी है...लेकिन जब तक अटल जी का नेतृत्व चलता रहा आडवाणी जी ने उनके दिशा निर्देशों का तन्मयता के साथ पालन किया...हालाकि अपने इन 5 दशकों के करियर में ऐसे कई मौके आए जब उन्होंने अपने हितों को ज्यादा अहमियत दी... चाहे राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का प्रचारक होते हुए शादी कर पारंपरिक गृहस्थ जीवन शुरू करने का फैसला हो...
या
पाकिस्तान जाकर जिन्ना को धर्मनिर्पेक्ष करार देने संबंधी बयान , उमा भारती के साथ हुआ विवाद... आडवाणी जी हमेशा विवादों में उलझते रहे...वैसे इसमें कोई दो राय नहीं है कि वे देश के सबसे अनुभवी राजनेताओं में शामिल हैं...

वे आजादी के बाद होने वाले तमाम महत्वपूर्ण घटनाक्रमों के साक्षी हैं...चाहे 75 में इंदिरा गांधी द्वारा इमरजेंसी लगाए जाने का मामला हो या फिर अयोध्या आंदोलन, जिसकी वजह से उनकी पार्टी 99 में केंद्र में सत्ता पर काबिज हो सकी...

आडवाणी को अवसरों का लाभ उठाने वाला माहिर नेता माना जाता रहा है... लेकिन उनकी महत्वाकांक्षाएं किसी न किसी वजह से अधूरी ही रह जाती हैं...1990 की रथ यात्रा से लोकप्रियता के शिखर पर पहुंचने वाले आडवाणी वाजपेयी के आभा मंडल को एनडीए सरकार के कार्यकाल तक नहीं भेद पाए...और अपनी ही टीम के कुछ लोगों के आंख की किरकिरी बने रहे...

वाजपेयी की विदाई के बाद उन्हें लगा कि अब तो प्रधानमंत्री बनने का सपना पूरा होने ही वाला है...और स्वघोषित रुप से उन्होंने अपने आप को पीएम इन वेटिंग जैसा जुमला भी दे डाला ...मगर आडवाणी जी के अड़ियल रवैये या कुछ छोटी गलतियां उनको ले डूबती रही हैं...

कुल मिलाकर आडवाणी जी का संन्यास लेने का ये सही समय है...या उनकी राजनीति का यह अंतिम पड़ाव है...
कुछ भी हो मगर उनके रिटायरमेंट से निश्चित रुप से भाजपा और कमजोर होगी...

नवीन सिंह , ज़ी न्यूज़ छत्तीसगढ़...

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